ताई गुणाची माझी छकुली | 'झोका दे दादा' म्हणू लागली | सांभाळ ताई फांदी वांकली | दोन्ही दोरांना गच्च आवळी | जो जो गे जो || वायुसागरी आल्या लहरी | ताई तरंगे नौका त्यांवरी | कुंतलध्वजा फडफड करी | पायाचे वल्हे हाण सत्वरी | जो जो गे जो || वायुसिंधुला भरती आली | नोका हालते वरती खाली | परकर-शिडांची त्रेधा उडाली | शाबास ताई ! माझी सोनुली | जो जो गे जो || देवदयेचे झाड थोरले | भक्तिप्रीतीचे दोर बांधले | मोक्षप्राप्तीचा झोका हा बाळे | आनंद देवो तुला वेल्हाळे | जो जो गे जो |||||||||| ~~~ दत्त ~~~
ताई गुणाची माझी छकुली | 'झोका दे दादा' म्हणू लागली | सांभाळ ताई फांदी वांकली | दोन्ही दोरांना गच्च आवळी | जो जो गे जो || वायुसागरी आल्या लहरी | ताई तरंगे नौका त्यांवरी | कुंतलध्वजा फडफड करी | पायाचे वल्हे हाण सत्वरी | जो जो गे जो || वायुसिंधुला भरती आली | नोका हालते वरती खाली | परकर-शिडांची त्रेधा उडाली | शाबास ताई ! माझी सोनुली | जो जो गे जो || देवदयेचे झाड थोरले | भक्तिप्रीतीचे दोर बांधले | मोक्षप्राप्तीचा झोका हा बाळे | आनंद देवो तुला वेल्हाळे | जो जो गे जो |||||||||| ~~~ दत्त ~~~
पूर्ण कविता आहे का?
ReplyDeleteनाही
Deleteताई गुणाची माझी छकुली |
Delete'झोका दे दादा' म्हणू लागली |
सांभाळ ताई फांदी वांकली |
दोन्ही दोरांना गच्च आवळी |
जो जो गे जो ||
वायुसागरी आल्या लहरी |
ताई तरंगे नौका त्यांवरी |
कुंतलध्वजा फडफड करी |
पायाचे वल्हे हाण सत्वरी |
जो जो गे जो ||
वायुसिंधुला भरती आली |
नोका हालते वरती खाली |
परकर-शिडांची त्रेधा उडाली |
शाबास ताई ! माझी सोनुली |
जो जो गे जो ||
देवदयेचे झाड थोरले |
भक्तिप्रीतीचे दोर बांधले |
मोक्षप्राप्तीचा झोका हा बाळे |
आनंद देवो तुला वेल्हाळे |
जो जो गे जो ||||||||||
~~~ दत्त ~~~
असाच हा मायमराठी चा ठेवा अखंड वाढवूया🙏
Deleteवायूसिन्धूला भरती आली,
ReplyDeleteनौका हालते वरती खाली,
कुन्तलध्वजा फडफड करी,
पायाचा वल्हा आणी सत्वरी,
जो जो गे जो जो
Tai gunachi full kavita
ReplyDeleteताई गुणाची माझी छकुली |
ReplyDelete'झोका दे दादा' म्हणू लागली |
सांभाळ ताई फांदी वांकली |
दोन्ही दोरांना गच्च आवळी |
जो जो गे जो ||
वायुसागरी आल्या लहरी |
ताई तरंगे नौका त्यांवरी |
कुंतलध्वजा फडफड करी |
पायाचे वल्हे हाण सत्वरी |
जो जो गे जो ||
वायुसिंधुला भरती आली |
नोका हालते वरती खाली |
परकर-शिडांची त्रेधा उडाली |
शाबास ताई ! माझी सोनुली |
जो जो गे जो ||
देवदयेचे झाड थोरले |
भक्तिप्रीतीचे दोर बांधले |
मोक्षप्राप्तीचा झोका हा बाळे |
आनंद देवो तुला वेल्हाळे |
जो जो गे जो ||||||||||
~~~ दत्त ~~~
वा महेशजी,खुप छान........!!!!
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